डिंडौरी। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता और पीएम पोषण आहार योजना के प्रभावी संचालन को लेकर कलेक्टर डिंडौरी ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत सभाकक्ष में हुई समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्राचार्यों और जनशिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में EHRM पोर्टल पर अनिवार्य उपस्थिति, स्कूल समय का पालन, और पीएम पोषण कार्यक्रम के तहत भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि – 6 नवंबर 2025 से सभी कर्मचारी EHRM पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करें, अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा।
कोई भी कर्मचारी निर्धारित समय से पूर्व स्कूल या कार्यालय न छोड़े, अन्यथा उसे अनुपस्थित मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
सभी विद्यालयों में मीनू लेखन अनिवार्य रूप से किया जाए या मीनू का फ्लेक्स लगाया जाए।
विद्यालयों की दीवारों पर कलेक्टर से लेकर जनशिक्षक तक के मोबाइल नंबर लिखे जाएं, ताकि संपर्क में पारदर्शिता बनी रहे।
पीएम पोषण आहार कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन के भोजन का सेंपल टिफिन में सुरक्षित रखा जाए।
प्रत्येक स्कूल की निरीक्षण पंजी में संकुल प्राचार्य, बीएसी और जनशिक्षक की टीप दर्ज होनी चाहिए, टीप दर्ज न करने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
जिन कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस (SCN) जारी किए गए हैं, उनकी पावती संबंधित संकुल प्राचार्य और जनशिक्षक के पास अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। कलेक्टर ने अमरपुर विकासखंड के अधिकारियों को भी चेतावनी दी, जहाँ अक्टूबर माह में पीएम पोषण कार्यक्रम के तहत केवल 40% ऑनलाइन अवलोकन दर्ज किया गया था। उन्होंने निर्देश दिए कि नवंबर माह में 100% ऑनलाइन अवलोकन सुनिश्चित किया जाए। बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जिम्मेदारी शिक्षा की नींव हैं। अब किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।





