मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने एक बार फिर ऐसा आदेश जारी किया है जिससे फील्ड स्तर के कर्मचारियों में नाराज़गी फैल गई है। कंपनी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी कृषि फीडर पर 10 घंटे से ज़्यादा बिजली सप्लाई दी गई तो ऑपरेटर से लेकर महाप्रबंधक (GM) तक की सैलरी काटी जाएगी।
— जारी आदेश के मुताबिक
दअरसल मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने कृषि फीडरों पर निर्धारित सीमा से अधिक विद्युत आपूर्ति करने पर सख्त आर्थिक दंड के निर्देश जारी किए हैं। कंपनी मुख्यालय से जारी पुनरीक्षित परिपत्र क्रमांक 676 के अनुसार यदि किसी फीडर पर 10 घंटे से अधिक बिजली दी जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य महाप्रबंधक (संचालन-संधारण) ए.के. जैन द्वारा जारी इस परिपत्र में कहा गया है कि राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप कृषि फीडरों पर अधिकतम 10 घंटे प्रतिदिन बिजली आपूर्ति की अनुमति है। इसके उल्लंघन पर जिम्मेदार अधिकारी का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
निर्देशों के अनुसार—
1. एक दिन में 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति पाए जाने पर संबंधित ऑपरेटर का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
2. लगातार दो दिन ऐसा पाए जाने पर कनिष्ठ अभियंता (JE) का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
3. यदि किसी फीडर पर पाँच दिन लगातार 10 घंटे से अधिक बिजली दी जाती है, तो उप महाप्रबंधक (DGM) का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
4. सात दिन लगातार सीमा से अधिक आपूर्ति पाए जाने पर महाप्रबंधक (GM) का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि तकनीकी कारणों या मीटर की समय-संबंधी त्रुटियों के चलते 15 मिनट तक की अतिरिक्त बिजली आपूर्ति को सहनशील सीमा में माना जाएगा, लेकिन जानबूझकर या लापरवाही से अधिक आपूर्ति होने पर संबंधित अधिकारी जवाबदेह होंगे।
परिपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी उल्लंघनों की जाँच और सत्यापन के बाद ही अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह आदेश भोपाल स्थित निष्ठा परिसर से 3 नवंबर 2025 को जारी किया गया है और राज्य के सभी विद्युत वितरण क्षेत्रों — भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, विदिशा, राजगढ़, रायसेन, सीहोर, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, मुरैना, दतिया, भिण्ड और शिवपुरी — में तत्काल प्रभाव से लागू होगा।





