मध्यप्रदेश के जबलपुर संभाग के अंतर्गत जिला कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन एवं सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में परोसे जा रहे मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांच की गई। इस दौरान कई विद्यालयों में साफ-सफाई की स्थिति और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर खामियां पाई गईं।
30 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा अमले ने नगर के विभिन्न विद्यालयों में औचक निरीक्षण किया। महारानी लक्ष्मीबाई शाला में जय मां संतोषी स्व सहायता समूह द्वारा भोजन निर्माण किया जा रहा था, जहां स्वच्छता में कमी और भोजन निर्माण स्थल अनुपयुक्त पाया गया। टीम ने हल्दी, मिर्च और धनिया पाउडर के नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे।
पीएम श्री माध्यमिक शाला डाइट में गणेश बचत स्व सहायता समूह द्वारा बनाए जा रहे भोजन में भी स्वच्छता की कमी, सफाई क्षेत्र में गंदगी एवं कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्रों का अभाव पाया गया। यहां से धनिया पाउडर, देसी चना और मूंग दाल के नमूने जांच के लिए लिए गए।
भटेरा चौकी स्थित यूपीएच हाई स्कूल में नूतन समिति समूह द्वारा मध्यान्ह भोजन तैयार किया जा रहा था, किंतु इस नाम से कोई खाद्य सुरक्षा पंजीकरण (Food Registration) नहीं मिला। अमले ने नमक, चावल और आटे के नमूने जांच के लिए लेकर बिना पंजीकरण खाद्य पदार्थ निर्माण एवं परोसने पर मामला पंजीबद्ध किया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को स्वच्छता बनाए रखने, प्रमाणित सामग्री उपयोग करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।





