मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। आज़ादी के 79 वर्षों बाद भी सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है। यही हाल ग्राम पंचायत झरना घुघरी का है, जहां मंगलवार को ग्रामीणों ने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर चक्काजाम हड़ताल किया।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर जनप्रतिनिधियों का काम सिर्फ जनता से वोट लेना ही है या जनता की समस्याओं का समाधान करना भी है? उनका आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी न तो जिला प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों ने उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया।
स्थानीय ग्रामीणों की मुख्य मांगें—
1 सड़क निर्माण – झरना देवसिंह के घर से भुरका टोला होते हुए जैतहरी तक तथा घुघरी से कुसमी भानपुर तक मुख्य सड़क का निर्माण।
2. बिजली व्यवस्था – भुरका टोला चारददरा में विद्युत लाइन की सुविधा उपलब्ध कराना।
3. पेयजल समस्या – पूरे झरना घुघरी ग्राम में पानी की गंभीर समस्या का तत्काल समाधान।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और नेताओं की अनदेखी के चलते वे आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




