— भाजीटोला और चांदरानी पंचायत में वित्तीय अनियमितता के आरोप; राशि जमा नहीं करने और अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर जिला पंचायत की कार्रवाई
डिंडौरी (सुनील ठाकुर) । जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत जाताडोंगरी की सचिव प्रभाती बाटिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा पूर्व में ग्राम पंचायत भाजीटोला एवं चांदरानी में सचिव के पद पर रहते हुए शासकीय राशि के नियम विरुद्ध भुगतान और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के आरोपों के चलते की गई है।
— ये रहा पूरा मामला
दरअसल जिला पंचायत के 21 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत भाजीटोला में सचिव पद पर कार्यरत रहते हुए पंचायत दर्पण पोर्टल के माध्यम से ₹1 लाख 8 हजार 400 का भुगतान नियम विरुद्ध तरीके से ग्राम पंचायत के उपसरपंच के खाते में किया गया। मामले में संबंधित राशि में से ₹54 हजार 200 जमा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आदेश के अनुसार निर्धारित अवधि तक राशि जमा नहीं की गई।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत चांदरानी में सचिव पद पर रहते हुए सीसी रोड निर्माण और पंचायत भवन में गेट निर्माण कार्य में कुल ₹2 लाख 15 हजार का नियम विरुद्ध भुगतान किए जाने का उल्लेख आदेश में किया गया है। इस मामले में ₹1 लाख 7 हजार 500 की राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन यह राशि भी जमा नहीं की गई।
— ₹7.63 लाख के भुगतान पर भी सवाल
आदेश में चांदरानी पंचायत में घाट निर्माण और सीसी रोड निर्माण कार्यों से संबंधित ₹7 लाख 63 हजार 550 के भुगतान का भी उल्लेख है। आदेश के अनुसार घाट निर्माण के लिए स्वीकृत ₹6 लाख में से ₹5 लाख 99 हजार 50 का भुगतान किया गया। वहीं दिगम्बर के घर से शिवमंदिर तक सीसी रोड निर्माण के लिए स्वीकृत ₹4 लाख में से ₹1 लाख 64 हजार 500 का भुगतान किया गया।
जिला पंचायत के आदेश में कहा गया है कि संबंधित कार्यों के मूल्यांकन पत्रक एवं अन्य दस्तावेज पंचायत कार्यालय में संधारित नहीं पाए गए। साथ ही कार्य अपूर्ण होने का भी उल्लेख किया गया है। मामले में संबंधित सचिव को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था, लेकिन आरोपों के संबंध में आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण उनका जवाब समाधानकारक नहीं माना गया।
— आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला
जिला पंचायत ने उक्त कृत्यों को मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3 के उल्लंघन की श्रेणी में माना है। आदेश में शासकीय राशि के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही का उल्लेख किया गया है।
इसके आधार पर मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम-4 के तहत प्रभाती बाटिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत समनापुर निर्धारित किया गया है।
जिला पंचायत द्वारा आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडौरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समनापुर, संबंधित पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम पंचायतों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
