मध्यप्रदेश शासन द्वारा कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देशों के बावजूद जनजातीय कार्य विभाग, जबलपुर संभाग की पदोन्नति प्रक्रिया विवादों में घिरती नजर आ रही है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने विभाग द्वारा जारी हालिया पदस्थापना आदेश पर सवाल उठाते हुए पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर संदेह जताया है।
संभागीय उपायुक्त, आदिवासी एवं अनुसूचित जाति विकास, जबलपुर द्वारा 22 जुलाई 2026 को जारी आदेश में केवल दो माध्यमिक शिक्षकों को प्रधानाध्यापक (माध्यमिक शाला) के पद पर पदोन्नत किए जाने की जानकारी सामने आई है। जारी आदेश के अनुसार सुमन सिंह टेकाम (डिंडौरी) और जमुना प्रसाद उइके (मंडला) को पदोन्नति प्रदान की गई है।
इसी आदेश के बाद ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन, आईटी सेल, संभाग जबलपुर के संभागीय अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूरे जबलपुर संभाग में प्रधानाध्यापक, माध्यमिक शिक्षक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के सैकड़ों पद रिक्त हैं और बड़ी संख्या में पात्र शिक्षक वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में पूरे संभाग में केवल दो शिक्षकों की पदोन्नति किया जाना कई सवाल खड़े करता है।
संगठन का आरोप है कि विभाग द्वारा न तो वरिष्ठता सूची सार्वजनिक की जा रही है और न ही रिक्त पदों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे पदोन्नति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह उत्पन्न हो रहा है तथा शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
राम कुमार गर्ग ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि वरिष्ठता के आधार पर सभी पात्र शिक्षकों को शीघ्र पदोन्नति दी जाए, रिक्त पदों का विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा लंबित पदोन्नति प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन संभागीय उपायुक्त कार्यालय, जबलपुर के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




