— जनजातीय कार्य विभाग ने मांगी सेवा, अवकाश और प्रकरणों की जानकारी
डिंडौरी। जिले में स्थानांतरण नीति-2026 के तहत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले जनजातीय कार्य विभाग ने आवश्यक जानकारी जुटाने की कवायद तेज कर दी है। सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी द्वारा जारी आदेश में जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और हाई स्कूल-हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों को स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी पत्र के अनुसार शासन की स्थानांतरण नीति के अंतर्गत ऐसे शिक्षक एवं कर्मचारी, जिन्हें स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्त किया जाना है, उनकी जानकारी जिला कार्यालय के माध्यम से संकलित की जाएगी। विभाग ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संबंधित कर्मचारियों के संबंध में सभी आवश्यक तथ्य एवं दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
विभाग ने विशेष रूप से जनगणना कार्य में संलग्न कर्मचारियों की जानकारी, संतान पालन अवकाश अथवा लंबी अवधि के अवकाश का विवरण, परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने की स्थिति, निलंबन, विभागीय जांच, आपराधिक या न्यायालयीन प्रकरणों से संबंधित प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने को कहा है। इसके अलावा ऐसे विद्यालयों की भी जानकारी मांगी गई है, जहां किसी शिक्षक के स्थानांतरण से संस्था शिक्षकविहीन होने की आशंका हो सकती है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से यह जानकारी संकलित की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि आवश्यक तथ्यों के परीक्षण के बाद ही कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने संबंधी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर डिंडौरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास, जबलपुर को भी प्रेषित की गई है। जिले में इस आदेश के बाद स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं।




