Panchayat Transfer List 2026 : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल,डिंडौरी, मंडला, शहडोल सहित कई जिलों में CEO बदले, देखें पूरी सूची….

Rathore Ramshay Mardan
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डिंडौरी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! करंजिया को मिला नया CEO, मेहंदवानी से प्रमोद ओझा का तबादला

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेशभर में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) तथा प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं। विभाग द्वारा 15 जून 2026 को जारी आदेश में कई जिलों के अधिकारियों को नई पदस्थापनाएं दी गई हैं, जबकि कुछ पूर्व स्थानांतरण आदेशों में संशोधन एवं निरस्तीकरण भी किया गया है।

 

उप सचिव हृदयेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सागर, उमरिया, शहडोल, खंडवा, श्योपुर, कटनी, छतरपुर, नरसिंहपुर, सीधी, रायसेन, देवास, झाबुआ, खरगोन, रतलाम, बैतूल, मंदसौर, धार, दतिया, बड़वानी, राजगढ़, नर्मदापुरम सहित अनेक जिलों में पदस्थ अधिकारियों को नवीन जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शासन का कहना है कि यह तबादले प्रशासनिक आवश्यकता और कार्यों के बेहतर संचालन को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं।

 

डिंडौरी जिले के लिए भी यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनपद पंचायत मेहंदवानी में पदस्थ प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रमोद कुमार ओझा का स्थानांतरण जनपद पंचायत नैनपुर, जिला मंडला कर दिया गया है। वहीं जनपद पंचायत करंजिया में नए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में राजीव कुमार की पदस्थापना की गई है, जो वर्तमान में जनपद पंचायत रामपुर नैकिन, जिला सीधी में कार्यरत थे। इस बदलाव से जिले में पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

आदेश में कई अधिकारियों के स्थानांतरण आदेशों में संशोधन भी किया गया है। उमरिया जिले की जनपद पंचायत करकेली में पदस्थ प्रेरणा परमहंस को पूर्व में भोपाल संभाग आयुक्त कार्यालय भेजा गया था, जिसे संशोधित करते हुए अब आयुक्त कार्यालय शहडोल पदस्थ किया गया है। इसी प्रकार रीवा आयुक्त कार्यालय में पदस्थ दिव्या त्रिपाठी का सोहागपुर स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें यथावत रीवा में ही बनाए रखा गया है। देवास जिला पंचायत में पदस्थ संजय कुमार पाटील का झाबुआ स्थानांतरण भी निरस्त कर दिया गया है।

 

विभाग द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण नीति के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी होने की तिथि से दो सप्ताह के भीतर कार्यमुक्त किया जाना अनिवार्य होगा। साथ ही जिस स्थान से अधिकारी का स्थानांतरण हुआ है, वहां से वेतन आहरण स्वतः बंद हो जाएगा और नवीन पदस्थापना स्थल से ही वेतन प्राप्त किया जा सकेगा। कार्यमुक्त होने और नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के बीच यदि कोई अधिकारी अवकाश लेना चाहता है तो उसे सामान्य प्रशासन विभाग की पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी।

 

प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को आगामी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार नए पदस्थापित अधिकारियों को शीघ्र ही अपने-अपने कार्यस्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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