Crime News :  धर्म बदलो, गरीबी मिटेगी ! प्रलोभन देकर धर्मांतरण के प्रयास में 7 दोषियों को 5 साल की जेल….

Rathore Ramshay Mardan
3 Min Read

 

हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी पड़ी भारी, धर्मांतरण केस में 7 दोषी

 

डिंडौरी। मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में कथित प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने और हिंदू धर्म व देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश डिंडौरी शिव कुमार कौशल की अदालत ने सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष तक के सश्रम कारावास और लाखों रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

 

अदालत ने माना कि आरोपियों ने लोगों को आर्थिक सहायता, गरीबी दूर करने और जीवन की समस्याओं से मुक्ति का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही हिंदू धर्म और देवी-देवताओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां कर धार्मिक भावनाओं को आहत करने तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया।

मामला समनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया का है। फरियादी अंगद सिंह मरावी ने 27 अप्रैल 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग लगातार गांव में आकर ग्रामीणों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने कहा था कि ईसाई धर्म अपनाने पर धन मिलेगा, गरीबी दूर होगी और सभी परेशानियां समाप्त हो जाएंगी।

 

विचारण के दौरान फरियादी सहित कई प्रत्यक्षदर्शी गवाहों ने अदालत में घटना की पुष्टि की। गवाहों ने बताया कि आरोपी ईसाई धर्म को श्रेष्ठ बताते हुए हिंदू धर्म को तुच्छ बता रहे थे और लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपों को प्रमाणित माना।

 

न्यायालय ने संतोष परस्ते, संजय मरकाम, अमित कुमार, प्रमोद सिंह, करन सिंह मरावी, छोट सिंह धुर्वे और जीतसिंह को दोषी ठहराया। सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 153-ए एवं 295-ए के तहत 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई। वहीं मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत अधिकांश आरोपियों को 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1-1 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

 

निर्णय में अदालत ने कहा कि आरोपियों द्वारा प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य संदेह से परे सिद्ध हुए हैं। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक आर.के. दुबे एवं अधिवक्ता आकाश यादव ने पैरवी की।

 

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *