डिंडौरी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं और बच्चों तक आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पहुँचाया जाता है। इन केंद्रों के सुचारु संचालन, योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं हितग्राहियों को लाभान्वित करने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सेवानिवृत्ति, मृत्यु अथवा अन्य कारणों से रिक्त होने वाले पदों की पूर्ति के लिए संचालनालय महिला एवं बाल विकास, भोपाल द्वारा समय-समय पर विज्ञापन जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया की जाती है।
इसी क्रम में जबलपुर संभाग अंतर्गत 367 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 2645 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के पदों हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। आयुक्त जबलपुर संभाग द्वारा प्रति सप्ताह समय-सीमा बैठक एवं कमिश्नर-कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की गई। कलेक्टरों एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति के निर्देश भी दिए गए।
निर्देशों के अनुपालन में वर्तमान में जबलपुर संभाग में कुल 293 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 2207 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के पदों की पूर्ति की जा चुकी है। जिलेवार स्थिति के अनुसार बालाघाट में 34 कार्यकर्ता एवं 228 सहायिका, डिंडोरी में 50 कार्यकर्ता एवं 230 सहायिका, कटनी में 23 कार्यकर्ता एवं 224 सहायिका, नरसिंहपुर में 33 कार्यकर्ता एवं 128 सहायिका, मंडला में 57 कार्यकर्ता एवं 51 सहायिका, छिंदवाड़ा में 19 कार्यकर्ता एवं 195 सहायिका, सिवनी में 40 कार्यकर्ता एवं 293 सहायिका, पांढ़ुर्णा में 6 कार्यकर्ता एवं 25 सहायिका तथा जबलपुर जिले में 32 कार्यकर्ता एवं 388 सहायिकाओं के पद भरे गए हैं।
संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास ने बताया कि शेष रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही प्रचलन में है, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाएगा। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन और अधिक सुदृढ़ होगा तथा महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुँच सकेगा।




