डिंडौरी। आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक आईटी/EHRMS81/2025/20487 दिनांक 24 सितंबर 2025 के तहत राज्य के सभी कलेक्टरों और सहायक आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत शिक्षकों का नवंबर माह का वेतन केवल EHRMS पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर ही स्वीकृत किया जाएगा।
इस आदेश के पालन में डिंडौरी जिले में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। जिले के लगभग 81 प्रतिशत शिक्षक नियमित रूप से अपनी उपस्थिति EHRMS पोर्टल पर दर्ज कर रहे हैं, जबकि 19 प्रतिशत शिक्षक अब भी अनुपस्थित या लापरवाह पाए जा रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को वेतन से वंचित रहना पड़ सकता है, क्योंकि विभाग स्पष्ट रूप से उपस्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौते के पक्ष में नहीं है।
कलेक्टर डिंडौरी के निर्देशानुसार, बीएलओ कार्य में लगे शिक्षकों की उपस्थिति पोर्टल पर “फील्ड वर्क” के रूप में दर्ज की जाएगी, ताकि उनकी उपस्थिति का भी सही रिकॉर्ड रखा जा सके। अधिकारियों द्वारा बीसी के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।
जन शिक्षा केंद्रों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधीन सभी शिक्षकों द्वारा 100% उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। इसके लिए जन शिक्षा केंद्र प्रमुखों से प्रमाण पत्र भी लिया जाएगा। आदेश के अनुसार, सुबह 10:30 बजे चेक-इन और शाम 4:30 बजे चेक-आउट अनिवार्य रहेगा।
प्रदेश स्तरीय उपस्थिति रिपोर्ट के अनुसार, 10 नवंबर 2025 तक डिंडौरी जिला 81% उपस्थिति के साथ चौथे स्थान पर है। शीर्ष तीन जिलों में नरसिंहपुर (93%), भिंड (87%), और कटनी (81%) शामिल हैं। वहीं, रतलाम (1%) और सीधी (2%) जिले सबसे नीचे हैं। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी शिक्षा केंद्र में 100% ऑनलाइन उपस्थिति नहीं पाई जाती, तो कठोर कार्रवाई तय है।





