डिंडौरी । कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति, समय-सीमा प्रकरणों और विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की विभागवार एवं जनपदवार समीक्षा की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के धीमी प्रगति वाले विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी विभाग द्वारा लापरवाही बरती जाती है, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी, जनजातीय कार्य विभाग, पीएचई, स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, खाद्य, श्रम, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, विद्युत, बैंकिंग सहित अन्य विभागों को निर्देश दिए कि सभी सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का निराकरण समय सीमा के भीतर किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और कहा कि निर्धारित तिथि से पहले उत्तर प्रस्तुत न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। छात्रवृत्ति वितरण को लेकर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी पात्र छात्र-छात्राओं को 10 दिनों के भीतर छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार और बीएलओ को निर्देश दिए कि सभी दस्तावेजों को समय सीमा में पूर्ण कर निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सभी सरकारी आयोजनों में प्रोटोकॉल अनुसार आमंत्रित किया जाए।उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस (1 से 15 नवंबर) के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा और अन्य जननायकों की गाथाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एनआरएलएम और जन अभियान परिषद गांव-गांव में कलश यात्राएं, बाइक रैलियां आयोजित करें, जबकि मड़ई और मेलों में पटवारी, आरआई और कोटवार की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जाए ताकि आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत 7 विकासखंडों के 48 समस्याग्रस्त ग्रामों की नल-जल योजना को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु ग्रामवार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि ग्रामीणों को जलापूर्ति का लाभ मिल सके। अंत में, कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने लंबित प्रकरणों, योजनाओं और कार्यक्रमों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करें, अन्यथा प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।






