डिंडौरी। सांदीपनि विद्यालय अमरपुर की छात्राओं से आपत्तिजनक चैट करने, मिलने का दबाव बनाने और धमकाने वाले शिक्षक प्रशांत साहू को डिंडौरी पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। छात्राओं ने 24 नवंबर को थाना डिंडौरी में अपराध क्रमांक 385/25 दर्ज कराया था, जिसमें आरोपी शिक्षक एवं स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध BNS की धारा 78(1), 78(2), 79 तथा पोक्सो एक्ट की धारा 11(iv), 12 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था।
घटना के विरोध में 27 नवंबर को अमरपुर बाजार बंद रहा और व्यापारियों ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह ने अमरपुर पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एएसपी डॉ. अमित वर्मा, एसडीओपी बजाग विवेक कुमार गौतम एवं थाना प्रभारी समनापुर हरिशंकर तिवारी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। चौकी प्रभारी एएसआई अतुल हरदहा के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कम समय में आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की ग्रामीणों, अभिभावकों और व्यापारियों द्वारा सराहना की जा रही है। कार्रवाई में एएसआई अतुल हरदहा, प्रधान आरक्षक हरे सिंह, आरक्षक भाव प्रकाश एवं साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मुकेश प्रधान की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
— छात्राओं ने पेश किए थे आपत्तिजनक संदेशों के प्रमाण
मामले की शुरुआत तब हुई जब विद्यालय की छात्राओं ने महिला शिक्षिका और उप सरपंच की उपस्थिति में लिखित शिकायत दी। शिकायत में शिक्षक पर अशोभनीय चैट, मिलने का दबाव और विरोध करने पर परीक्षा में कम अंक देने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने BNS व पोक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज करने के साथ पीड़िताओं के बयान भी दर्ज कर लिए हैं। जांच जारी है।
— आरोपी शिक्षक तत्काल निलंबित
प्रशासन ने भी प्रकरण में सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा शिक्षक प्रशांत साहू को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में शिक्षक को विकासखंड अमरपुर कार्यालय में पदस्थ किया गया है। आदेश में शिक्षक का आचरण गंभीर कदाचार की श्रेणी में पाया गया है और विभागीय जांच के लिए बीईओ तथा वरिष्ठ प्राचार्य को क्रमशः जांच अधिकारी और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। आरोपी शिक्षक की नियुक्ति वर्ष 2023 में हुई थी और एक वर्ष के भीतर ही उनके खिलाफ गंभीर शिकायत सामने आ गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।




