Health News : 108 एम्बुलेंस की कथित लापरवाही से तड़पती रही मासूम, निजी वाहन से अस्पताल पहुंचे परिजन….

Rathore Ramshay Mardan
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— डिंडौरी के बिलासर गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

डिंडौरी। मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के विकासखंड अमरपुर अंतर्गत ग्राम बिलासर से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक घायल मासूम बच्ची को समय पर उपचार नहीं मिल सका और 108 एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बिलासर में एक बच्ची की आंख में गंभीर चोट लग गई थी। परिजन घबराकर तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को फोन कर मदद मांगी, ताकि बच्ची को जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके। आरोप है कि कॉल रिसीव होने के बाद बिलासर के लिए दो एम्बुलेंस वाहन रवाना किए गए, लेकिन दोनों वाहन ऐसे स्थान पर जाकर खड़े हो गए जहां मोबाइल नेटवर्क तक उपलब्ध नहीं था।

 

परिजनों का आरोप है कि एम्बुलेंस चालकों ने वाहन खराब होने का बहाना बनाते हुए घंटों समय बर्बाद किया। इधर घायल बच्ची दर्द से तड़पती रही और परिवार मदद का इंतजार करता रहा। काफी देर तक एम्बुलेंस नहीं पहुंचने पर मजबूर होकर परिजन निजी वाहन से बच्ची को जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए।

 

बताया जा रहा है कि रास्ते में किकरझर जंगल के पास परिजनों को दो 108 एम्बुलेंस गाड़ियां खड़ी मिलीं। जब ग्रामीणों और परिजनों ने चालकों से सवाल किए तो उन्होंने वाहन खराब होने और दूसरी गाड़ी को फॉरवर्ड किए जाने की बात कही। हालांकि ग्रामीणों ने इसे बहानेबाजी बताते हुए गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।

 

घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर एम्बुलेंस पहुंच जाती तो बच्ची को तत्काल उपचार मिल सकता था। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार 108 सेवा के वाहन चालक ऐसे इलाकों में वाहन खड़े कर देते हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं रहता, जिससे वास्तविक स्थिति की जानकारी भी नहीं मिल पाती।

 

जागरूक युवक एवं समाजसेवी राघवेंद्र राजपूत ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवनदायिनी व्यवस्था है। यदि इसी तरह लापरवाही होती रही तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि शासन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रहा है, लेकिन कुछ कर्मचारियों की लापरवाही सरकार की मंशा पर पानी फेर रही है।

 

ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी वाहन चालकों और संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही 108 एम्बुलेंस वाहनों की जीपीएस लोकेशन और ड्यूटी मॉनिटरिंग की नियमित जांच सुनिश्चित करने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

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