मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनता की सेवा ही हमारा धर्म और लक्ष्य है। प्रदेश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा, जो नागरिकों की सुविधा, स्वच्छता और सुशासन को समर्पित होगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मंदसौर जिले के गांधीसागर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कलेक्टर्स एवं कमिश्नर्स से सेवा पखवाड़े की तैयारियों पर चर्चा की। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मंत्रालय से जुड़े।
डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण तेजी से हो रहा है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से नागरिकों को बेहतर इलाज मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बड़े गांवों और शहरों में “नमो पार्क, नमो वन, नमो उपवन” जैसे उद्यान विकसित किए जाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री ने जनजातीय बहुल अंचलों के विकास पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं की सहज उपलब्धता से ही वहां का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने निर्देश दिए कि सेवा पखवाड़े के दौरान जनजातीय क्षेत्रों में विशेष प्रचार-प्रसार और नवाचारी गतिविधियां आयोजित की जाएं।
किसानों की चिंता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा और कीट प्रकोप से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का पारदर्शी और शीघ्र सर्वे कराया जाए। ताकि किसानों को समय पर मुआवजा एवं बीमा राशि का लाभ दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सेवा पखवाड़ा केवल औपचारिकता न होकर, वास्तव में जनता को राहत देने और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का सार्थक अभियान बने।




