— टेट, प्रथम नियुक्ति से सेवावधि की गणना और ई-अटेंडेंस के मुद्दे पर हुई चर्चा, मुख्यमंत्री ने शासन की ओर से सहयोग का दिया भरोसा
डिंडौरी। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। संगठन के प्रतिनिधियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट), प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवावधि की गणना और ई-अटेंडेंस से जुड़ी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। संगठन के अनुसार, चर्चा के बाद मुख्यमंत्री की ओर से मिले आश्वासनों के आधार पर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहे आंदोलन को आगामी दो माह के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के जिला डिंडौरी संयोजक राम कुमार गर्ग ने बताया कि संगठन ने इन मांगों को लेकर 18 अप्रैल से आंदोलन शुरू किया था। दिल्ली में विशाल प्रदर्शन के बाद पिछले दो सप्ताह से भोपाल के नीलम पार्क में अनशन किया जा रहा था। इस दौरान शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ताएं भी हुईं, लेकिन मांगों के निराकरण को लेकर संगठन लगातार प्रयासरत था।
मोर्चा के प्रांतीय संयोजक राकेश दुबे के अनुसार, मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने तीनों मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में जगदीश यादव, राकेश दुबे और राकेश नायक शामिल रहे।
टेट मामले में सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका पर सहयोग का भरोसा
शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने संगठन की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में लंबित क्यूरेटिव याचिका के मामले में शासन की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। संगठन के अनुसार, मुख्यमंत्री ने स्वयं केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर शिक्षकों का पक्ष रखने की बात भी कही। इसके बाद संयुक्त मोर्चा ने टेट मामले में सकारात्मक परिणाम आने तक शिक्षकों से परीक्षा के आवेदन फॉर्म नहीं भरने की अपील की है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय न्यायालय की कार्यवाही और संबंधित आदेशों पर निर्भर करेगा।
प्रथम नियुक्ति से सेवावधि गणना पर दो माह में आदेश का आश्वासन
सेवावधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से किए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए आगामी दो माह में प्रशासकीय औपचारिकताएं पूरी कर आदेश जारी करने का आश्वासन दिया। यह मांग लंबे समय से शिक्षकों के बीच चर्चा का विषय रही है। अब संगठन को इस संबंध में शासन के आगामी निर्णय का इंतजार है।
ई-अटेंडेंस पर वेतन नुकसान नहीं होने की बात
ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर भी प्रतिनिधिमंडल ने अपनी आपत्तियां रखीं। संगठन के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि ई-अटेंडेंस के कारण किसी शिक्षक के वेतन का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री का संदेश मिलने के बाद आंदोलन स्थगित
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भेजे गए प्रतिनिधि रमेश चंद्र शर्मा, अध्यक्ष कर्मचारी कल्याण समिति एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा, ने नीलम पार्क पहुंचकर आंदोलनरत शिक्षकों को मुख्यमंत्री का संदेश सुनाया। इसके बाद अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश ने सदस्यों की सहमति से अपना आंदोलन आगामी दो माह के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि इस अवधि में शिक्षकों की मांगों पर ठोस निर्णय सामने आएंगे। फिलहाल सेवावधि गणना के आदेश, टेट मामले में शासन के सहयोग और ई-अटेंडेंस से जुड़ी समस्याओं के निराकरण पर शिक्षकों की निगाहें टिकी हैं।

