भोपाल : मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं का लाभ सुगमता से दिलाने के लिए ‘विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण एक अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। इस चरण में प्रदेश के 26 लाख विद्यार्थियों के आधार में लंबित बायोमेट्रिक अपडेट किए जाएंगे।
यूआईडीएआई और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 18 अगस्त 2025 से यह विशेष अभियान प्रारंभ किया गया था। इसके तहत सरकारी विद्यालयों में आधार नामांकन और अपडेट शिविर लगाए गए थे। अब दूसरे चरण में उन विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ सबसे अधिक विद्यार्थियों का अपडेट लंबित है। साथ ही, बड़े विद्यालयों का चयन भी किया गया है ताकि आसपास के स्कूलों के विद्यार्थी भी शिविर से लाभान्वित हो सकें।
विद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को तभी मिल सकेगा, जब उनके आधार में नवीनतम बायोमेट्रिक दर्ज होंगे। इसके लिए यूआईडीएआई और शिक्षा विभाग ने यू-डाइस+ पोर्टल पर विशेष सुविधा विकसित की है, जिससे विद्यालय लंबित विद्यार्थियों की पहचान कर सकेंगे।
अभियान के सफल संचालन हेतु 26 सितम्बर को जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोग्रामर, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशिक्षित किया गया। वहीं, आधार ऑपरेटरों को भी पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
विद्यालय प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे यू-डाइस+ पोर्टल से लंबित विद्यार्थियों की सूची प्राप्त कर उन्हें पूर्व सूचना दें और शिविर के लिए रोस्टर तैयार करें। साथ ही, विद्यार्थियों को नजदीकी आधार सेवा केंद्रों में बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए भी प्रेरित करें।




