भोपाल। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों के सुरक्षित वातावरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार की रात मुख्यमंत्री निवास से प्रदेश भर के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और पुलिस तंत्र से अपराध नियंत्रण, जन-व्यवस्थाओं, किसानों की समस्याओं और मौसम को लेकर आवश्यक तैयारियों पर व्यापक चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का सामान्य जन-जीवन बिना किसी व्यवधान के चले, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार के अपराध पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए। डॉ. यादव ने साफ कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था की आदर्श स्थिति बनाना और उसे हर परिस्थिति में बनाए रखना कलेक्टर और एसपी की प्रमुख जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिस की नियमित गश्त, सतर्कता और क्षेत्र में निरंतर निगरानी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का दायित्व है कि जनता खुद को सुरक्षित महसूस करे और अपराधियों में कानून का भय हो।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से किसानों के हितों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद वितरण की व्यवस्था ऐसी हो कि किसी भी किसान को परेशानी न आए। बढ़ती ठंड के बीच किसानों को खाद लेने केंद्रों पर अधिक देर तक लाइन में खड़े होने की स्थिति न बने। इसके लिए पर्याप्त काउंटर, सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों से शहरों या केंद्रों पर खाद लेने आने वाले किसानों को शीत से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें ठंड का सामना न करना पड़े।
प्रदेश में ठंड की बढ़ती तीव्रता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने समस्त जिलों में आम जनता के लिए शीत से बचाव के व्यापक इंतजाम करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड, प्रमुख बाजारों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जरूरतमंदों के लिए अलाव, गर्म कपड़ों और अन्य सहायता के प्रबंध किए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रशासन और पुलिस तंत्र मिलकर समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, सुचारू व्यवस्थाएं, किसानों को राहत, और मौसम के अनुकूल जन-सहायता उपाय—यह सभी क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में हैं। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुगठित व्यवस्था का माहौल हर समय कायम रहे।




