भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भू-स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत जमीन और मकान के पट्टों की पक्की रजिस्ट्री नि:शुल्क कराने की पहल की है। खास बात यह है कि रजिस्ट्री के लिए लगने वाली स्टाम्प शुल्क की राशि हितग्राहियों को नहीं चुकानी होगी, बल्कि इसका पूरा खर्च राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को अभियान में तेजी लाकर सभी पात्र भू-स्वामियों की रजिस्ट्री जल्द से जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केवल प्लॉट या मकान का पट्टा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संपत्ति पर पक्का राजस्व दस्तावेज होना भी जरूरी है। पक्की रजिस्ट्री से भू-स्वामियों को कानूनी रूप से मालिकाना हक मजबूत करने के साथ संपत्ति के क्रय-विक्रय और उस पर ऋण लेने जैसी सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के पास प्लॉट या मकान के पट्टे उपलब्ध हैं, लेकिन उनकी पक्की रजिस्ट्री नहीं हुई है, ऐसे सभी पात्र हितग्राहियों को सरकार नि:शुल्क रजिस्ट्री कराकर देगी। रजिस्ट्री भू-स्वामी के नाम पर ही होगी और इसके लिए लगने वाला स्टाम्प शुल्क सरकार के खजाने से जमा किया जाएगा। उन्होंने इस योजना को भू-स्वामियों की आर्थिक मजबूती और समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
धनतेरस पर गांव पहुंचेंगे मंत्री, सांसद और विधायक
मुख्यमंत्री ने योजना को जन अभियान का रूप देने के निर्देश देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया है। आगामी 6 नवंबर को धनतेरस के अवसर पर प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक अपने पैतृक गांव अथवा पसंद के किसी गांव में पहुंचेंगे। वहां वे अपनी मौजूदगी में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत शत-प्रतिशत पात्र भू-स्वामियों की रजिस्ट्री पूरी कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभारी मंत्रियों, स्थानीय मंत्रियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को सफल बनाएं। जिस गांव में शत-प्रतिशत रजिस्ट्रियां पूरी होंगी, वहां जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लघु कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य
बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व डॉ. ई. रमेश कुमार ने जानकारी दी कि 1 नवंबर 2026 तक प्रदेश में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अंतर्गत कुल 12 लाख 87 हजार 252 रजिस्ट्रियों का पंजीयन पूरा किया जा चुका है। सरकार का प्रयास है कि आगामी 15 नवंबर तक यह आंकड़ा बढ़ाकर 20 लाख तक पहुंचाया जाए। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की भी तैयारी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजना का प्रचार-प्रसार व्यापक स्तर पर किया जाए, ताकि कोई भी पात्र भू-स्वामी इस सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पक्की रजिस्ट्री कराने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और अगले वर्ष इसे युवा वर्ष से भी जोड़ा जाएगा।
बैठक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

