— शत प्रतिशत उपस्थिति नहीं होने पर अधिकारी और शिक्षक होंगे कार्रवाई के दायरे में
मध्यप्रदेश के मंडला में जनजातीय कार्य विभाग मध्यप्रदेश ने विद्यालयों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और नियमित शाला संचालन सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने आदेश जारी करते हुए EHRMS पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति (e-Attendance) को सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य कर दिया है।
आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल के निर्देश के पालन में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग मंडला ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि जो शिक्षक या प्राचार्य 15 नवंबर 2025 तक फेस रिकग्निशन आधारित e-Attendance ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर मंडला द्वारा 13 नवंबर को आयोजित समीक्षा बैठक में यह साफ निर्देश दिए गए हैं कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति 100 प्रतिशत नहीं होगी, वहां के विकासखंड शिक्षा अधिकारी और संकुल प्राचार्य को हटाया जाएगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो शिक्षक e-Attendance दर्ज नहीं करेंगे, उन्हें वेतन से वंचित किया जाएगा। लगातार लापरवाही पर निलंबन या सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी अपने और अपने अधीनस्थ शिक्षकों का वेतन केवल e-Attendance के आधार पर ही आहरित करें।





