Mandla News : सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित मिलीं तो अधिकारियों पर लगेगा जुर्माना, कलेक्टर सख्त…

Rathore Ramshay Mardan
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— 1000 दिन से अधिक पुराने 15 प्रकरण तीन दिन में निपटाने के निर्देश, लापरवाही बरतने वाले पटवारियों पर भी होगी कार्रवाई

मंडला। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी शिकायत नॉन अटेंड यानी बिना कार्रवाई के लंबित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए संबंधित जिला अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। सोमवार को जिला योजना भवन में आयोजित समय-सीमा एवं विभागीय समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की योजनाओं, लंबित पत्रों और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर किया जाना चाहिए। निम्न गुणवत्ता के साथ बंद किए गए प्रकरणों को नियमानुसार दोबारा खोलकर उनका उचित निराकरण कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ए-श्रेणी में पहुंच चुके विभागों के कार्यों की सराहना करते हुए अन्य विभागों को भी सप्ताहांत तक ए-श्रेणी में आने के निर्देश दिए।

जनजातीय कार्य विभाग की असंतोषजनक प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संयुक्त कलेक्टर को विभाग की सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की अलग से समीक्षा करने को कहा। वहीं, 1000 दिन से अधिक समय से लंबित 15 प्रकरणों का तीन दिन के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए।

लापरवाह पटवारियों को नोटिस, बर्खास्तगी की कार्रवाई के निर्देश

बैठक में स्वामित्व योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी एसडीएम को रजिस्ट्री की संख्या बढ़ाने और योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले पटवारियों को नोटिस जारी करने तथा परिवीक्षा अवधि में कार्यरत लापरवाह पटवारियों के विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई करने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वामित्व योजना राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल है, इसलिए इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना अनिवार्य है।

निर्माण कार्यों में देरी पर भी निर्देश

टीएल पत्रों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि वन स्वीकृति के अभाव में निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समय पर पूरी करें और अनुमति प्राप्त करने के लिए वन विभाग से समन्वय स्थापित करें, ताकि कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके।

जन विश्वास शिविर और अन्य योजनाओं की समीक्षा

बैठक में सेवा संकल्प अभियान तथा शुक्रवार को आयोजित होने वाले जन विश्वास शिविर की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा नेहरू पार्क के सौंदर्यीकरण, आहार अनुदान, संबल योजना, कृषक पंजीयन और सामुदायिक वन अधिकार दावों सहित विभिन्न विभागीय एवं अंतर-विभागीय विषयों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शाश्वत सिंह मीना, अपर कलेक्टर सोनल सिडाम, संयुक्त कलेक्टर नदीमा शिरी, मंडला एसडीएम शैलेन्द्र चौधरी, डिप्टी कलेक्टर सचिन जैन, रेखा देशमुख, राजेश कौशिक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

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