भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 20 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाओं के आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 24 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागीय प्रभार में बदलाव किया गया है, जबकि रतलाम, अनूपपुर, शहडोल, मंदसौर, खरगोन और आगर-मालवा सहित कई जिलों में नए कलेक्टर नियुक्त किए गए हैं।
— जारी आदेश के मुताबिक
जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के.सी. गुप्ता को कृषि उत्पादन आयुक्त का प्रभार बनाए रखते हुए उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सचिन सिन्हा को अपर मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। रवीन्द्र कुमार सिंह को प्रमुख सचिव, वन विभाग बनाया गया है, जबकि संदीप यादव को प्रमुख सचिव, जल संसाधन विभाग का दायित्व सौंपा गया है।
इसी प्रकार जॉन किंग्सली वी.आर. को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का सचिव बनाया गया है। डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के रूप में पदस्थ किया गया है। वहीं भास्कर लाक्षाकार को इंदौर संभाग का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अजय कटेसरिया को रतलाम, रत्नाकर झा को अनूपपुर, सुधीर मिश्रा सिंह को शहडोल, गुरु प्रसाद को खरगोन, दिव्यांक सिंह को मंदसौर तथा डॉ. शेर सिंह मीना को आगर-मालवा का नया कलेक्टर बनाया गया है।
इसके अलावा हर्षल पंचोली को पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को), भोपाल का कार्यपालन संचालक नियुक्त किया गया है। प्रीति यादव को मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम, इंदौर का कार्यकारी संचालक बनाया गया है। सिद्धार्थ जैन को उप सचिव, मुख्य सचिव कार्यालय तथा हिमांशु प्रजापति को जिला पंचायत इंदौर का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है।
सरकार ने आदेश में कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। ऊर्जा, नर्मदा घाटी विकास, तकनीकी शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। शासन का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना, बेहतर समन्वय स्थापित करना और शासन-प्रशासन की कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना बताया गया है।इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विभागीय कार्यों में गति आने के साथ जिला प्रशासन में भी नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है।




