— शाम 5 बजे खुलनी थी ओपीडी, 5:26 बजे तक संबंधित कक्ष में नहीं पहुंचे थे चिकित्सक; बाद में शिशु रोग विशेषज्ञ सहित दो डॉक्टर पहुंचे, मरीजों को मिला उपचार
डिंडौरी। जिला चिकित्सालय डिंडौरी में स्वास्थ्य सेवाओं की समयबद्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। शाम 5 बजे ओपीडी खुलने का निर्धारित समय होने के बावजूद शाम 5:26 बजे तक संबंधित ओपीडी कक्ष में डॉक्टर नहीं पहुंचे थे। इस दौरान मरीज हाथों में इलाज की पर्ची लेकर चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे मरीजों को डॉक्टरों के इंतजार में परेशानी का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, निर्धारित समय बीतने के करीब आधे घंटे बाद शिशु रोग विशेषज्ञ सहित दो डॉक्टर अपने-अपने कक्ष में पहुंचे। इसके बाद इंतजार कर रहे मरीजों को उपचार मिलना शुरू हुआ। हालांकि, डॉक्टरों के निर्धारित समय पर ओपीडी में नहीं पहुंचने के कारण मरीजों को इंतजार करना पड़ा। इस घटनाक्रम ने जिला अस्पताल में ओपीडी संचालन और चिकित्सकों की समय पर उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला चिकित्सालय डिंडौरी जिले के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए उपचार का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज परामर्श और इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी के निर्धारित समय पर चिकित्सकों की उपलब्धता जरूरी है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और उन्हें अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
आखिर कब सुधरेंगी जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं?
इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठता है कि क्या अस्पताल में ओपीडी के निर्धारित समय का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है? चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति की निगरानी और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रबंधन क्या कदम उठाएगा? स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य मरीजों को समय पर राहत देना है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को मामले का संज्ञान लेकर स्थिति की जांच करनी चाहिए और ओपीडी में चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करनी चाहिए।
