— 1 अप्रैल से सभी भुगतान आधार आधारित बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन से होंगे
भोपाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) मध्यप्रदेश ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए संविदा स्टाफ, आशा कार्यकर्ताओं, आशा पर्यवेक्षकों और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के हितग्राहियों का बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन और आधार नंबर से पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है।
— जारी आदेश के मुताबिक
एनएचएम द्वारा 13 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार भारत सरकार के निर्देशों के तहत यह प्रक्रिया लागू की जा रही है। इसमें कहा गया है कि ऐसे सभी हितग्राही जिन्हें शासन की योजनाओं के तहत किसी भी प्रकार का भुगतान किया जाता है, उनका भुगतान अब आधार आधारित बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाएगा।
जारी निर्देश के मुताबिक सभी संविदा कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, आशा पर्यवेक्षक और कार्यक्रमों के हितग्राहियों का बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन 25 मार्च 2026 तक पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 से सभी भुगतान केवल बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेटेड आधार प्रणाली के माध्यम से ही किए जाएंगे। इसके लिए आधार गेटवे एप्लीकेशन तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से बायोमैट्रिक डिवाइस की सहायता से आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा। इस एप्लीकेशन के उपयोग के लिए अलग से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
एनएचएम ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), जिला सामुदायिक प्रबंधक (DCM), ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (BPM) और ब्लॉक सामुदायिक प्रबंधक (BCM) को निर्देशित किया है कि वे संबंधित कैडर और हितग्राहियों का प्रमाणीकरण 25 मार्च 2026 तक सुनिश्चित करें। वहीं जिला अकाउंट मैनेजर (DAM) और ब्लॉक अकाउंट मैनेजर (BAM) को 31 मार्च 2026 तक एसएनए स्पर्श पोर्टल पर बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन के साथ पंजीकरण पूरा करना होगा। यह आदेश एनएचएम के वित्त संचालक वीरभद्र शर्मा द्वारा जारी किया गया है, जिसे मिशन संचालक एनएचएम की स्वीकृति प्राप्त है। देखें आदेश…

