— नरवर में निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाही; कई कार्यकर्ताओं को अंतिम चेतावनी, जवाब मांगा
मध्य प्रदेश के नरवर परियोजना क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति के मामलों में महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर किए गए सघन निरीक्षण के बाद एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक सहायिका की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, सांझा चूल्हा योजना के तहत नाश्ता और भोजन वितरण में लापरवाही मिलने पर दो स्व-सहायता समूहों के अनुबंध भी निरस्त कर दिए गए हैं।
विभागीय निरीक्षण के दौरान कर्तव्य निर्वहन में लगातार गंभीर लापरवाही, मुख्यालय के बजाय बाहरी शहरों में निवास और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन नहीं किए जाने के मामले सामने आए। इसके बाद टोडापमार की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेखा रावत और काशीपुर की सहायिका सीमा कुशवाह की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की गई।
सहायिका की जगह दूसरी महिला से कराया जा रहा था काम
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र हरिजन बस्ती ग्वालिया में एक अन्य मामला सामने आया। यहां सहायिका शालिनी बैश के स्थान पर दूसरी महिला द्वारा मात्र 500 रुपये प्रतिमाह लेकर काम किए जाने की जानकारी मिली। पूछताछ के दौरान सेक्टर पर्यवेक्षक हिमांशी मकालिया को धमकी दिए जाने का मामला भी सामने आया है। विभाग ने इस प्रकरण में विस्तृत जांच कर वैधानिक कार्रवाई प्रस्तावित की है।
सात कार्यकर्ताओं को अंतिम चेतावनी
कर्तव्य में लापरवाही, मुख्यालय से बाहर निवास और अनधिकृत अनुपस्थिति के मामलों में विभाग ने कई अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की है। पारागढ़ की कार्यकर्ता प्रीति रावत, काशीपुर की रानी शर्मा और टोडापमार की सहायिका दयावती रावत को अंतिम चेतावनी पत्र जारी कर जवाब मांगा गया है।
इसके अलावा अनधिकृत अनुपस्थिति के मामले में छापर की मड़ैयां की पूजा रावत, किशनपुर की सावित्री कुशवाह, चक ढिगवास की कृष्णा रावत और मुढैनी की खिलन दुबे को भी अंतिम चेतावनी दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की जा सकती है।
भोजन वितरण में लापरवाही पर समूहों के अनुबंध निरस्त
सांझा चूल्हा योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने में लापरवाही पाए जाने पर भी विभाग ने सख्ती दिखाई है। आंगनबाड़ी केंद्र गोडाताल से जुड़े जय गिर्राज स्व-सहायता समूह तथा गणेशपुरा एवं बरखाड़ी से जुड़े गणेश स्व-सहायता समूह के अनुबंध निरस्त कर दिए गए हैं।
विभाग की इस कार्रवाई को आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, कर्मचारियों की जवाबदेही और बच्चों को निर्धारित पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था दुरुस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
