मध्य प्रदेश के ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायक के रिक्त पदों पर इस वर्ष भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। विकास और सेवा के दो वर्ष कार्यक्रम के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में करीब 33 हजार ग्राम रोजगार सहायकों की भर्ती की जाएगी, जिससे गांवों के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व विकास कार्यों को गति मिलेगी। मंत्री ने कहा कि आगामी दो से तीन महीनों के भीतर भर्ती से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रक्रिया जारी कर दी जाएगी। ग्राम रोजगार सहायकों की भूमिका पंचायतों में विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अभिलेखों के संधारण, डिजिटल कार्यों तथा भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही वे ग्रामीणों और शासन के बीच सेतु के रूप में कार्य करते हुए योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे।
इस बार भर्ती प्रक्रिया में पात्रता को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले जहां न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास थी, वहीं अब ग्राम रोजगार सहायक और पंचायत सचिव पदों के लिए स्नातक होना अनिवार्य कर दिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायतों का कार्य अब पूरी तरह डिजिटल और तकनीकी हो चुका है, ऐसे में उच्च शैक्षणिक योग्यता से कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। पंचायत सचिवों की भर्ती को लेकर सरकार ने स्पष्ट नीति तय की है। कुल पदों में से 50 प्रतिशत पद अनुभवी ग्राम रोजगार सहायकों के माध्यम से भरे जाएंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती परीक्षा के जरिए नियुक्त किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि मजबूत मानव संसाधन से पंचायतें और अधिक सशक्त होंगी तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और समय पर ग्रामीणों तक पहुंच सकेगा।




