Forest Rights News : डिंडौरी के 26 वन ग्रामों पर बड़ा फैसला! राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया तेज, 21 अक्टूबर को फिर होगी समीक्षा…

Rathore Ramshay Mardan
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— सीएफआरआर दावों के निराकरण और अभिलेख सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर कलेक्टर सख्त।

डिंडौरी। जिले के 26 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तित करने की प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने और अभिलेखों के सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वन ग्रामों से संबंधित प्रथम अभिलेखों की पुनः समीक्षा 21 अक्टूबर 2026 को की जाएगी।

17 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में वन ग्रामों के राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन तथा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, वनमंडलाधिकारी अशोक सोलंकी, संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी सहित एसडीएम, वन विभाग के अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, परिक्षेत्र अधिकारी, पटवारी और संबंधित वन रक्षक उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर ने लंबित एवं अपूर्ण कार्यों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले को आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रथम अभिलेखों की समीक्षा के लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ उपस्थित रहें। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को मैदानी स्तर पर नियमित निगरानी करने और शासन के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा।

सीएफआरआर दावों के निराकरण पर जोर

बैठक में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) के तहत दर्ज दावों, अभिलेखों के सत्यापन और आवश्यक औपचारिकताओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उपखंड स्तरीय समितियों में लंबित कार्यवाहियों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए पात्र हितग्राहियों और समुदायों के दावों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तित करना और सामुदायिक वन अधिकारों से जुड़े प्रकरणों का निराकरण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी करें। अब 21 अक्टूबर को होने वाली समीक्षा में अभिलेखीय तैयारियों और लंबित कार्यों की प्रगति पर नजर रहेगी।

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