डिंडौरी। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के दावे एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। कलेक्टर के निर्देशन और जिला आबकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में शनिवार 1 नवंबर को आबकारी विभाग की टीम ने डिंडौरी और शहपुरा क्षेत्र में दबिश देकर कुछ मात्रा में अवैध शराब जब्त की और चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है, लेकिन लोगों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
आरोप है कि आबकारी विभाग द्वारा समय-समय पर छापेमारी की जाती है, परंतु बड़े शराब कारोबारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। विभाग सिर्फ छोटे विक्रेताओं को पकड़कर कागजी कार्यवाही पूरी कर अपनी पीठ थपथपाता है। वहीं गांवों और हाट-बाजारों में खुलेआम शराब की बिक्री जारी है।
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान डिंडौरी के वार्ड क्रमांक 3 और शहपुरा में कुछ लोगों के पास से देशी-विदेशी शराब जब्त की गई, लेकिन शराब के अवैध परिवहन और बड़े नेटवर्क पर कोई रोक नहीं लग पाई है। लगातार शिकायतों के बावजूद अवैध शराब का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा। जिला मुख्यालय से लेकर गांव गांव और मड़ई-मेला सीजन में शराब की खुलेआम बिक्री होती है और विभाग केवल दिखावटी छापेमारी तक सीमित है। पुलिस और आबकारी विभाग के बीच समन्वय की कमी भी इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आबकारी विभाग नियमित रूप से निगरानी बढ़ाए और शराब माफिया पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि गांवों में बढ़ रहे नशे के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके।





