— बोर्ड परीक्षा के बीच शिक्षक सम्मान समारोह, छात्रों की मेहनत पर सवाल
मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में विकासखण्ड लहार से एक खबर ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। शा.उ.मा.वि.दवोह के जनशिक्षक जे.पी. कुशवाह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार, जनशिक्षक ने 16 फरवरी को दोपहर 03:00 बजे से 05:00 बजे तक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया, जबकि उसी समय विद्यालय में कक्षा 9 और 11 की बोर्ड परीक्षा संचालित हो रही थी।
खण्ड शिक्षा अधिकारी ने नोटिस में लिखा कि यह आयोजन बिना अनुमति और सोच-समझ के किया गया, जिससे न केवल शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित होंगी, बल्कि छात्रों की महीनों की मेहनत पर भी सवाल उठेंगे। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। यदि स्पष्टीकरण तत्काल प्रस्तुत नहीं किया गया, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, इस कदम से विद्यालय में तनावपूर्ण माहौल पैदा हो गया है। शिक्षक सम्मान की भावना के बावजूद, छात्रों का भविष्य और बोर्ड परीक्षा परिणाम सर्वोपरि होना चाहिए। प्राचार्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचनार्थ प्रतिलिपि भेजी गई है और उनसे प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है। स्थानीय लोग और अभिभावक मानते हैं कि शिक्षक और प्रशासन दोनों का कर्तव्य है कि वे छात्रों की पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा को प्राथमिकता दें। इस घटना ने शिक्षा जगत में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर बहस शुरू कर दी है।
