डिंडौरी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को हुई समय-सीमा बैठक में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिले की विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जेपी यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम डिंडौरी सुश्री भारती मेरावी, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे, वहीं एसडीएम बजाग, तहसीलदार और जनपद पंचायत सीईओ वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े।
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के धीमे निराकरण पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समय पर और संतोषजनक निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम हेल्पलाइन कॉल अटेंड न करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों से 500 रुपये का झंडा दिवस बैंक ड्राफ्ट जमा कराए जाने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई।
करंजिया विकासखंड में नवीन पंचायत भवन की गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने सहायक यंत्री आरईएस, सब इंजीनियर और पंचायत सचिव के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन भवनों का भूमिपूजन या लोकार्पण हो चुका है, उनमें आवश्यक सुविधा अधूरी होने की स्थिति में बिना उच्च अधिकारियों को अवगत कराए भवन हैंडओवर न किया जाए। जनजातीय कार्य विभाग और जिला शिक्षा अधिकारी को छात्रावासों की दीवारों पर स्थानीय कलाकारों से गोंडी चित्रकला कराए जाने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने धान उपार्जन केंद्रों के सुचारू संचालन पर बल देते हुए फूड अधिकारी को नियमित निरीक्षण करने और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए। जिले में धान उपार्जन 1 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक संचालित रहेगा।
रबी सीजन की तैयारियों पर चर्चा करते हुए कृषि विभाग को निर्देशित किया गया कि रबी फसलों के लिए चना, मसूर, सरसों, राई, गेहूं, मटर, अलसी आदि अनुदान बीज छोटे एवं लघु किसानों को समय पर उपलब्ध कराए जाएं और वितरण जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में सामूहिक शिविरों में किया जाए। किसानों की आवश्यकता अनुसार डीएपी, यूरिया, फास्फेट आदि खाद की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
शहरी क्षेत्र में प्राकृतिक सब्जी, स्वदेशी उत्पाद और समूह आधारित ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए प्रत्येक रविवार को उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में विशेष बाजार लगाने के निर्देश नगर परिषद सीएमओ को दिए गए। आबकारी विभाग को जिले में अवैधानिक रूप से मादक पदार्थ बेचने वालों पर छापेमार कार्रवाई करने और खनिज विभाग को अवैध उत्खनन, भंडारण तथा परिवहन पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग को स्कूल बस, यात्री बस, डम्पर, टैक्सी, तीन और चार पहिया वाहनों की फिटनेस, बीमा, रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस एवं प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच कर अवैध वाहनों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। श्रम विभाग की लापरवाही पर कलेक्टर ने कोषालय अधिकारी को निर्देश दिया कि लंबित प्रकरणों का निराकरण होने तक संबंधित का वेतन रोका जाए। मनरेगा परियोजना अधिकारी को भी सामग्री के भौतिक सत्यापन के बाद ही भुगतान कराने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने पीएम आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सामुदायिक भवन, सुशासन भवन, जनपद पंचायत भवन, ग्रेवल सड़क, अमृत सरोवर, स्टॉप डैम सहित सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता और समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। नगर परिषद डिंडौरी को प्रधानमंत्री आवास के अधूरे निर्माण एक सप्ताह में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी को छात्रवृत्ति और साइकिल की गुणवत्ता सुनिश्चित कर समय पर वितरण करने को कहा। धन-धान्य कृषि योजना पर जोर देते हुए कृषि, मत्स्य, उद्यानिकी, आत्मा, एनआरएलएम, वॉटरशेड और सहकारिता विभाग को आगामी छह वर्षों के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को एनआरसी पोषण पुनर्वास केंद्रों में शत-प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अधिकतम लाभ प्रदान करने हेतु व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।




