मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में सोमवार को अपर कलेक्टर जी.पी. यादव की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं, लंबित प्रकरणों और जनहित से जुड़े मुद्दों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत में टीएल प्रकरणों एवं अवैध खनिज भंडारण और परिवहन पर की गई कार्यवाहियों की जांच की गई। अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए और दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की प्रगति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आमजन से सीधे जुड़ी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता से किया जाए और 20 सितम्बर तक न्यूनतम 85 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। राजस्व विभाग के बंटवारा, सीमांकन, नामांतरण और नक्शों से संबंधित लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए। अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों को मुआवजा एवं राहत राशि समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान सर्पदंश से बचाव और त्वरित उपचार संबंधी उपायों पर चर्चा हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। किसानों के लिए रबी सीजन के पूर्व पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने और समय पर वितरण सुनिश्चित करने पर भी बैठक में जोर दिया गया। इसके अलावा वनाधिकार पट्टा वितरण, पेंशन प्रकरणों के निराकरण, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। अपर कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




