27 केंद्रों पर चल रहा पंजीयन, करीब 19 हजार किसानों का पंजीयन अभी बाकी; 10 अक्टूबर अंतिम तिथि
डिंडौरी । खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में किसान पंजीयन का कार्य जारी है, लेकिन पंजीयन पोर्टल और तकनीकी प्रक्रियाओं में आ रही दिक्कतों के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले में 27 पंजीयन केंद्रों के माध्यम से किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। 2 अक्टूबर 2026 तक जिले में कुल 5,967 किसानों का पंजीयन हो चुका है।
पिछले खरीफ विपणन वर्ष में जिले के 25,820 किसानों ने पंजीयन कराया था। इस वर्ष अभी करीब 19 हजार किसानों का पंजीयन संभावित बताया जा रहा है। ऐसे में पंजीयन की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही शेष किसानों के पंजीयन को लेकर दबाव बढ़ गया है।
गिरदावरी पूरी, फिर भी पोर्टल पर लंबित दिख रही
पंजीयन के दौरान सबसे बड़ी समस्या तकनीकी स्तर पर सामने आ रही है। जिले में गिरदावरी का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण होने के बावजूद कुछ किसानों के पंजीयन में गिरदावरी लंबित प्रदर्शित हो रही है। वहीं, फार्मर आईडी बनने और भूमि की गिरदावरी पूर्ण होने के बावजूद धान पंजीयन पोर्टल पर सभी पात्र खसरे प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। कुछ किसानों के मामले में केवल एक खसरा ही दिखाई देने की शिकायत सामने आई है।
इसके अलावा भूमि का लैंड डाटा फेच नहीं होना, फार्मर आईडी में खसरे जोड़ने के बाद दोबारा जांच करने पर खसरे प्रदर्शित नहीं होना, ओटीपी दो बार भेजे जाने तथा पंजीयन विलोपित करने का विकल्प उपलब्ध नहीं होने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।
ई-केवाईसी और लॉगिन की समस्या भी बनी बाधा
पंजीयन सेव करते समय आवश्यक विकल्प प्रदर्शित नहीं होने तथा एग्रीस्टैक में खसरे जुड़े नहीं होने का संदेश मिलने से भी किसान और पंजीयन केंद्र संचालक परेशान हैं। वहीं, पंजीयन केंद्रों पर मल्टीपल लॉगिन की सुविधा नहीं होने के कारण उपकरण बंद होने या तकनीकी व्यवधान आने के बाद ‘यूजर ऑलरेडी लॉगिन’ का संदेश प्रदर्शित हो रहा है, जिससे पंजीयन प्रक्रिया में अनावश्यक समय लग रहा है।
कुछ मामलों में बायोमैट्रिक अथवा ओटीपी आधारित ई-केवाईसी सत्यापन नहीं होने पर दोबारा सत्यापन करने का संदेश भी सामने आ रहा है।
10 अक्टूबर तक होना है पंजीयन
शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में जिले के शेष किसानों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करना चुनौती बना हुआ है।
तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को होने वाली परेशानी को देखते हुए इनके शीघ्र निराकरण के लिए शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है, ताकि निर्धारित समय सीमा में अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन निर्बाध रूप से पूरा कराया जा सके।
