Dindori News : हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी वित्तीय अधिकारों पर सवाल, कंचनपुर पंचायत में कार्रवाई का इंतजार….

Rathore Ramshay Mardan
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सरपंच-सचिव की DSC को लेकर शिकायत, 5.65 लाख की रिकवरी और निर्माण कार्यों की जांच की मांग

डिंडौरी। जनपद पंचायत शहपुरा की ग्राम पंचायत कंचनपुर में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायत का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने पंचायत के सरपंच और सचिव के वित्तीय अधिकारों तथा DSC के संचालन को लेकर सवाल उठाते हुए प्रशासन से नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में उच्च न्यायालय जबलपुर के 10 अगस्त 2026 के आदेश का भी उल्लेख किया गया है।

इस मामले में कलेक्टर जिला डिंडौरी कार्यालय की ओर से शिकायतकर्ता को सूचना पत्र जारी कर अभ्यावेदन के संबंध में सुनवाई एवं अभिलेख परीक्षण के लिए उपस्थित होने को कहा गया था। पत्र के अनुसार सुनवाई की तिथि 8 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे कलेक्टर कार्यालय डिंडौरी निर्धारित की गई थी।

 

5.65 लाख की रिकवरी का उल्लेख

 

शिकायतकर्ता के अनुसार पंचायत से जुड़े मामले में सरपंच और सचिव के विरुद्ध करीब 5.65 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश पूर्व में जारी किया गया था। शिकायत में न्यायालयीन आदेशों का हवाला देते हुए वित्तीय अधिकारों और पंचायत से होने वाले भुगतान की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है।

 

सीसी रोड निर्माण पर भी सवाल

 

शिकायत में ग्राम पंचायत कंचनपुर में चल रहे सीसी रोड निर्माण कार्य को लेकर भी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। शिकायतकर्ता ने निर्माण में निर्धारित मापदंडों के पालन, बेस, गिट्टी की मोटाई और वाइब्रेटर के उपयोग को लेकर सवाल उठाए हैं। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की गई है।

 

तालाब और श्मशान घाट को लेकर शिकायत

 

ग्राम पंचायत के पीछे स्थित तालाब और श्मशान घाट को लेकर भी शिकायत में आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि तालाब में पानी भरने से श्मशान घाट प्रभावित हुआ तथा पानी निकालने के लिए जेसीबी से कार्य कराया गया। मामले में मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की गई है।

 

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

 

शिकायतकर्ता ने पंचायत के वित्तीय लेनदेन, निर्माण कार्यों, भुगतान और पूर्व में जारी रिकवरी आदेश की जांच कराने की मांग की है। साथ ही न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। अब प्रशासन द्वारा उपलब्ध अभिलेखों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

 

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