मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के जनपद पंचायत बजाग ने ग्राम पंचायत सुनपुरी के सचिव गजरूप सिंह धुर्वे को लगातार अनुपस्थित रहने और शासकीय कार्यों की उपेक्षा करने पर अंतिम चेतावनी पत्र जारी किया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बजाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 29 सितम्बर को जनपद सभाकक्ष में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सचिव धुर्वे बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति के कारण ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित हितग्राही एवं सामुदायिक कार्यों की समीक्षा नहीं हो सकी। अधिकारी ने यह भी उल्लेख किया कि सचिव प्रायः बैठकों से अनुपस्थित रहते हैं और ग्राम पंचायत कार्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति नहीं रहती, जिससे पंचायत क्षेत्र की योजनाओं की गति प्रभावित हो रही है और ग्रामवासियों में रोष व्याप्त है।
पत्र में निर्देश दिया गया है कि सचिव दो दिवस के भीतर ग्राम पंचायत क्षेत्र से संबंधित सभी लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण कराएं तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में प्रगति सुनिश्चित करते हुए तीन दिवस में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह भी स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि वे निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध सिविल सेवा आचरण नियम 1965 एवं सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 2006 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही मामला पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1992 की धारा के तहत निलंबन हेतु वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा।
— ग्राम पंचायत सरपंच ने जताई नाराजगी
ग्राम पंचायत सुनपुरी की सरपंच संतोष मरावी ने भी सचिव के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सचिव आए दिन पंचायत से अनुपस्थित रहते हैं और फिजूल बहाने बनाते हैं। उनकी लापरवाही से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और पंचायत के दैनिक कार्यों में ग्रामीणों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरपंच ने जनपद पंचायत के अधिकारियों से मांग की है कि पंचायत के सुचारू संचालन के लिए उनकी जगह किसी अन्य सचिव की व्यवस्था की जाए।





