मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में एक बार फिर— कार्यालयीन कार्यों के सुचारू संपादन हेतु कलेक्टर डिंडौरी ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के वित्तीय एवं प्रशासकीय प्रभार में बदलाव किया है। कलेक्टर ने आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियाँ सौंप दी हैं।
जिले में कुल सात जनपद पंचायत हैं लेकिन संसाधनों और अधिकारियों की कमी के चलते जिम्मेदारियाँ इधर-उधर समायोजित की जा रही हैं। ऐसे में जिले के विकास कार्य कितने सुचारू रूप से चल पाएंगे, यह बड़ा सवाल है। प्रशासनिक व्यवस्था को “जुगाड़” से संभालने की यह तस्वीर जिले की वास्तविक चुनौतियों को उजागर करती है।
जारी आदेश में पहले के आदेश आंशिक संशोधन करते हुए अधिकारियों को नया प्रभार सौंपा गया है—
मेंहदवानी एवं शहपुरा जनपद पंचायत का वित्तीय एवं प्रशासकीय प्रभार — प्रमोद कुमार ओझ, मुख्य कार्यपालन अधिकारी।
डिंडौरी एवं अमरपुर जनपद पंचायत का वित्तीय एवं प्रशासकीय प्रभार — लोकेश नारनौरे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी।
समनापुर और बजाग जनपद पंचायत का प्रशासकीय प्रभार — जतिन ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी।
वित्तीय प्रभार — लोकेश नारनौरे।
करंजिया जनपद पंचायत का प्रशासकीय प्रभार — अक्षय डिगरसे, डिप्टी कलेक्टर डिंडौरी (परिविक्षाधीन)।
वित्तीय प्रभार — प्रमोद कुमार ओझा।
कलेक्टर के इस आदेश के बाद अब जिले की पंचायत व्यवस्था नई जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ेगी। हालांकि, जनपद पंचायतों में स्थायी अधिकारियों की कमी को लेकर सवाल जसके तस बने हुए हैं।



