डिंडौरी। जिला मुख्यालय के नजदीकी धनुआसागर ग्राम पंचायत में निर्माण और मरम्मत से जुड़े कार्यों में भारी अनियमितताएँ सामने आने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। सीएम राइज विद्यालय तक पहुँचने के लिए वर्ष 2024–25 में लोक निर्माण विभाग द्वारा 38 लाख रुपए से अधिक की लागत से बनाई गई सीसी सड़क निर्माण के कुछ ही महीनों में जर्जर हो चुकी है। सड़क पर गिट्टी व रेत अलग हो जाने से लगातार धूल उड़ रही है, जिससे विद्यालय आने-जाने वाले विद्यार्थियों के साथ ग्रामीण भी परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से किए गए घटिया निर्माण का नतीजा है।
बता दें कि निर्माण के दौरान जनपद सदस्य संतोष सिंह चंदेल ने कमजोर गुणवत्ता का मुद्दा उठाकर जिला प्रशासन को शिकायत भी दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने के कारण सड़क अब लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है उधर, धनुआसागर में वर्ष 2016 में करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से निर्मित मॉडल स्कूल की मरम्मत और सुधार कार्य को लेकर भी गंभीर अनियमितताओं की बातें सामने आ रही हैं। सरकार द्वारा विद्यालय को सीएम राइज स्कूल के रूप में उन्नत किए जाने के बाद नया भवन निर्माणाधीन है, वहीं पुराने भवन की मरम्मत के लिए पुलिस हाउसिंग बोर्ड मध्यप्रदेश ने लगभग दो करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसमें कोटा फ्लोरिंग, दरवाजे-खिड़कियों का परिवर्तन, शौचालय निर्माण और अन्य संरचनात्मक सुधार शामिल हैं।
लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मरम्मत कार्य में ठेकेदार और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार भवन की फ्लोरिंग में रेत और सीमेंट की जगह डस्ट मिलाकर काम किया जा रहा है, जो गुणवत्ता के विपरीत है। शौचालयों में भी अमानक टाइल्स लगाए जाने की शिकायतें मिली हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा और निरीक्षण मात्र कागज़ों में दर्ज किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपए की राशि खर्च होने के बावजूद कार्य की गुणवत्ता अत्यंत कमजोर है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है और भविष्य में विद्यार्थियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। लगातार बढ़ती अनियमितताओं से क्षुब्ध ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तुरंत जांच कराने, गुणवत्ता परीक्षण करने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराएँगे।
— इनका कहना है
“सड़क निर्माण के दौरान मैंने संबंधित विभाग को कई बार गुणवत्ता पूर्ण निर्माण करने को कहा लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। मैंने इस संबंध में डीएम से भी शिकायत की थी, लेकिन निर्माण में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसका फलस्वरूप आज सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है।”
संतोष चंदेल, जनपद सदस्य जनपद पंचायत डिंडौरी ।





