डिंडौरी। मध्यप्रदेश सरकार के आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और शालाओं के बेहतर संचालन के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने सभी शिक्षकों की उपस्थिति EHRMS पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य किया है, ताकि पूरे प्रदेश में शिक्षकों की उपस्थिति का वास्तविक आंकलन किया जा सके। आयुक्त कार्यालय द्वारा की गई समीक्षा रिपोर्ट में डिंडौरी जिले ने 60 प्रतिशत उपस्थिति के साथ पूरे प्रदेश में चौथा स्थान प्राप्त किया है, जो जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए सराहनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार कटनी जिले में शिक्षकों की उपस्थिति 64 प्रतिशत, खंडवा में 61 प्रतिशत, बैतूल में 51 प्रतिशत और डिंडौरी में 60 प्रतिशत दर्ज की गई है। जबकि राज्य के कई जिलों में यह उपस्थिति 10 प्रतिशत से भी नीचे रही है। आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग भोपाल ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन शिक्षकों ने माह अक्टूबर 2025 में एक भी दिन EHRMS पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं की है, उनका वेतन अवरुद्ध किया जाएगा। वहीं जिन विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की निगरानी में लापरवाही पाई जाएगी, उनकी दो वेतनवृद्धियां रोकी जाएंगी।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति से न केवल शालाओं का संचालन बेहतर होगा, बल्कि विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षण गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। डिंडौरी जिले का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि यदि शिक्षा अधिकारी और शिक्षक मिलकर कार्य करें तो शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव है।





