डिंडौरी। जिले में नाबालिग बालिकाओं के अपहरण एवं छेड़छाड़ के गंभीर मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) डिंडौरी ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। मीडिया सेल प्रभारी एवं अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि थाना शाहपुर के अपराध में आरोपी मदन सैयाम पिता गणेश सैयाम (उम्र 23 वर्ष), निवासी लोंदाझिर, थाना शाहपुर, जिला डिंडौरी को दोषी पाए जाने पर विभिन्न धाराओं में सजा दी गई है।
माननीय न्यायालय ने आरोपी को धारा 363 भादवि के अंतर्गत 05 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड, धारा 354 भादवि के अंतर्गत 05 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड, तथा धारा 354(क)(ii) सहपठित धारा 354(2) भादवि के अंतर्गत 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। शासन की ओर से मामले का सशक्त संचालन विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार वर्मा द्वारा किया गया।
— ये रहा पूरा मामला
प्रकरण के अनुसार पीड़िता ने थाना में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि वह ग्राम लोंदाझिर, चौकी विक्रमपुर की निवासी है और घरेलू कार्य करती है। उसकी 07 वर्षीय पुत्री प्राथमिक शाला लोंदाझिर में कक्षा दूसरी में अध्ययनरत है, जबकि उसका पति काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था।
दिनांक 19 सितंबर 2023 को सुबह करीब 11 बजे पीड़िता की पुत्री घर के पास खेलते समय अचानक लापता हो गई। तलाश के दौरान दोपहर करीब 1 बजे रानीदादर से सूचना मिली कि लोंदाझिर की तीन बच्चियां वहां रोती हुई मिली हैं। परिजन गांव वालों के साथ रानीदादर पहुंचे, जहां तीनों बच्चियां मिलीं।
पीड़िता की पुत्री ने बताया कि गांव में खेलते समय एक व्यक्ति ने “गणेश बाबा दिखाने” का बहाना बनाकर तीनों बच्चियों को मोटरसाइकिल में बैठाया और जंगल की ओर ले गया। वहां आरोपी ने बच्ची का हाथ पकड़कर जंगल की ओर खींचने का प्रयास किया। मौका पाकर बच्ची वहां से भागकर सड़क पर आई और पास में मवेशी चरा रहे ग्रामीणों शंभूलाल बरकड़े और रामनरेश मरावी को घटना की जानकारी दी। बाद में बच्ची ने परिजनों को बताया कि उक्त व्यक्ति लोंदाझिर का मदन सैयाम था, जिसने छेड़छाड़ की।
— साक्ष्यों के आधार पर सजा
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा विवेचना कर साक्ष्य संकलित किए गए और अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों एवं तर्कों से सहमत होते हुए माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो) डिंडौरी ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।




