Breaking News : पैसे दो, तभी होगा काम—‌अतिथि शिक्षक से PhonePe पर लिए 5000 रुपये, प्राचार्य तत्काल प्रभाव से सस्पेंड…

Rathore Ramshay Mardan
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मध्यप्रदेश के सतना जिले के शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर सख्ती दिखाते हुए रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद ने सतना जिले के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय एम.एल.बी. सतना के प्राचार्य विश्वनाथ प्रसाद शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

दरअसल यह कार्रवाई कलेक्टर सतना द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई, जिसमें प्राचार्य पर शिक्षकों को प्रताड़ित करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान में अनियमितता करने और अतिथि शिक्षकों से अनुचित राशि लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

जानकारी के अनुसार कलेक्टर सतना ने पत्र क्रमांक 2793/शिक्षा/सतर्कता/2026 दिनांक 22 अप्रैल 2026 के माध्यम से रीवा संभाग आयुक्त कार्यालय को विस्तृत प्रतिवेदन भेजा था। जांच के दौरान यह पाया गया कि प्राचार्य विश्वनाथ प्रसाद शुक्ला द्वारा संस्था में पदस्थ शिक्षकों के साथ प्रताड़नात्मक व्यवहार किया जा रहा था। साथ ही सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के स्वत्व भुगतान के एवज में राशि मांगने और अतिथि शिक्षकों से अनुचित लाभ लेने की शिकायतें भी सामने आई थीं।

जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक विजय शंकर पाण्डेय एवं श्रीमती करुणा मिश्रा के स्वत्व भुगतान को जानबूझकर रोका गया और प्रतिकूल आचरण के कारण भुगतान लंबित रखा गया। जांच दल को दिए गए शिक्षकों के बयान एवं प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर यह आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए।

— अतिथि शिक्षक से फोन-पे के माध्यम से ली गई राशि

मामले में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि प्राचार्य द्वारा अतिथि शिक्षक शैलेन्द्र कुमार तिवारी से फोन-पे के माध्यम से 5000 रुपये की राशि अपने खाते में प्राप्त की गई। आरोप है कि बाद में गलत परीक्षा परिणाम की जानकारी देकर संबंधित शिक्षक को कार्य से पृथक कर दिया गया। इस पूरे मामले को जांच दल ने गंभीर अनियमितता माना है।

 

जांच में सहयोग नहीं करने का भी आरोप

 

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान प्राचार्य द्वारा न तो आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और न ही जांच दल को अपेक्षित सहयोग दिया गया। इसे प्रशासनिक दायित्वों की अवहेलना एवं अनुशासनहीनता माना गया है।

 

गंभीर कदाचार मानते हुए निलंबन

 

रीवा कमिश्नर ने आदेश में कहा कि प्राचार्य का उक्त आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत है तथा यह गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत विश्वनाथ प्रसाद शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सतना निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन कायम करने की दिशा में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।

 

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