— दो वाहनों में सवार थे पिपरिया माल और कौआझिर के ग्रामीण, प्रशासन की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई, पुलिस ने शुरू की विवेचना।
डिंडौरी। आयुष्मान भारत योजना के नाम पर ग्रामीणों को निःशुल्क उपचार दिलाने का भरोसा देकर जबलपुर ले जाने के मामले में शहपुरा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि कुछ लोग ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दिलाने का प्रलोभन देकर जबलपुर ले जा रहे थे। मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में एसडीएम शहपुरा और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे ग्राम पिपरिया माल एवं कौआझिर क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों को कुछ व्यक्तियों द्वारा जबलपुर स्थित सुखसागर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने की बात कहकर निःशुल्क इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों को वाहन क्रमांक एमपी 20 पीए 1209 और एमपी 20 एक्सई 2539 से जबलपुर ले जाया जा रहा था।
शिकायत के अनुसार, ग्रामीणों को ले जाने की यह गतिविधि जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुमति अथवा अनुशंसा के बिना संचालित की जा रही थी। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। खंड चिकित्सा अधिकारी शहपुरा के माध्यम से वाहनों में सवार ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। प्रारंभिक परीक्षण में किसी भी मरीज में गंभीर बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए।
मामले में यह आशंका भी जताई गई कि ग्रामीणों के आयुष्मान भारत योजना के कार्ड और उपचार के नाम पर शासकीय योजना की राशि का दुरुपयोग किया जा सकता था। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों के बयान एवं अन्य तथ्यों के आधार पर प्रारंभिक जांच की गई।
शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना शहपुरा में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 61(2), 3(5) सहित अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मनीराम मरावी को सौंपी गई है। पुलिस संबंधित व्यक्तियों, वाहनों, ग्रामीणों के बयान और आयुष्मान योजना से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं के नाम पर ग्रामीणों को गुमराह करने अथवा योजनाओं के संभावित दुरुपयोग से जुड़ी गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि निःशुल्क उपचार या आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
