डिंडौरी। नर्मदा नदी पर प्रस्तावित राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। परियोजना के कार्यस्थल ग्राम घुसियामाल और उससे लगे 5 किलोमीटर के क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। अनुविभागीय दण्डाधिकारी डिंडौरी रामबाबू देवांगन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश 11 अक्टूबर 2026 से प्रभावशील होकर दो माह तक लागू रहेगा।
जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन, रैली, जुलूस, नारेबाजी, भूख हड़ताल, चक्काजाम, घेराव और विरोध प्रदर्शन के लिए भीड़ एकत्रित करने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का अनधिकृत रूप से एकत्रित होना भी प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन ने क्षेत्र में अस्त्र-शस्त्र, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ, लाठी, रॉड और धारदार हथियार लेकर प्रवेश करने पर भी रोक लगाई है। हालांकि, धार्मिक आधार पर आवश्यक साधनों और सुरक्षा कर्मियों को निर्धारित छूट दी गई है।
बैनर-पोस्टर, काले झंडे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी रोक
आदेश में बैनर, पोस्टर, पर्चे, लाउडस्पीकर और ऐसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिनसे आमजन में भय, अशांति या तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। सार्वजनिक अथवा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने तथा लोक शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन के दौरान नकाब पहनने, काले झंडे प्रदर्शित करने और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
शासकीय कार्यों और आपातकालीन सेवाओं को छूट
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों, आपातकालीन सेवाओं और विधिसम्मत शासकीय बैठकों पर यह प्रतिबंधात्मक आदेश लागू नहीं होगा। परिस्थितियों की संवेदनशीलता को देखते हुए आदेश तत्काल प्रभाव से एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है।
आदेश से असंतुष्ट या प्रभावित व्यक्ति भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(5) के तहत अनुविभागीय दण्डाधिकारी के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। प्रशासन का उद्देश्य निर्धारित क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

