— डिंडौरी विधायक ने हादसे की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की उठाई मांग, अस्पताल पहुंचाने में देरी और प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक पहुंचने को लेकर किए सवाल
मध्यप्रदेश के ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक ट्रक हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सीएसपी को तत्काल हटाने तथा तीन थाना प्रभारियों, एक यातायात निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षकों सहित आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।
इस घटना को लेकर डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में हादसे के कारणों, घायलों को अस्पताल पहुंचाने में हुई देरी और प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक के पहुंचने को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
विधायक मरकाम ने सवाल उठाया कि जब हादसा रात करीब दो बजे हुआ, तो बच्चों को अस्पताल सुबह चार बजे क्यों पहुंचाया गया? उन्होंने यह भी पूछा कि परिजनों को बच्चों की मौत की जानकारी समय पर क्यों नहीं मिली और जिस रास्ते पर दोपहिया वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित था, वहां ट्रक कैसे पहुंच गया?
15 मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
ओमकार मरकाम ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सवाल करते हुए कहा कि हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, ऐसे में इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने घायलों को समय पर उपचार मिलने और घटना की निष्पक्ष जांच कराने की जरूरत पर जोर दिया। विधायक ने कहा कि केवल संवेदना व्यक्त करने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। हादसे में हुई चूक की पहचान कर जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद मंदिर मार्ग पर यातायात नियंत्रण, भारी वाहनों की आवाजाही और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा, सुरक्षा इंतजामों में कोई चूक हुई या नहीं और हादसे के बाद राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था किस तरह संचालित की गई।
मुख्यमंत्री की ओर से पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद अब जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी। घटना में जिम्मेदारी तय होने और सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाने से ही भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने में मदद मिल सकेगी।
