— MP में रोजगार सहायकों को राहत की उम्मीद, 7 दिन में फैसला करेगी समिति
भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्राम रोजगार सहायकों की सेवाओं और मानदेय से जुड़े मुद्दे पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में शासन ने एक उच्चस्तरीय अंतर्विभागीय समिति का गठन किया है।
यह निर्णय रिव्यू पिटीशन क्रमांक 618/2024 (मध्यप्रदेश शासन बनाम राजेश यादव एवं अन्य) में 20 फरवरी 2026 को पारित अंतरिम आदेश के बाद लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि समिति ग्राम रोजगार सहायकों की सेवाओं एवं पारिश्रमिक मानदेय से जुड़े सभी तथ्यों और निर्देशों की जांच करेगी।
समिति में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव को अध्यक्ष, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव को सह-अध्यक्ष और राज्य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त को सदस्य सचिव बनाया गया है।
सरकार ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर मामले का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि न्यायालय के आदेश का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सचिंद्र राव द्वारा जारी किया गया है। शासन स्तर पर इस कदम को ग्राम रोजगार सहायकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

