डिंडौरी। जिले में झोला-छाप चिकित्सकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान अवैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे एक क्लीनिक पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया गया। जानकारी के अनुसार ग्राम रुसा में संचालित एक निजी क्लीनिक की जांच के दौरान संचालक डॉ. अरुण चन्द्र बाला की शैक्षणिक योग्यता होम्योपैथी पाई गई, जबकि क्लीनिक से एलोपैथिक दवाएं बरामद की गईं। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके से एलोपैथिक दवाओं को जप्त कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई तथा क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
यह संयुक्त कार्रवाई नायब तहसीलदार करंजिया शैलेश गौर के नेतृत्व में की गई, जिसमें हल्का पटवारी विजय श्रीवास्तव, नंदकुमार परस्ते, शैलेन्द्र सिंह मार्को, कोटवार वीरेंद्र पड़वार एवं मेडिकल विभाग की टीम शामिल रही।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वाले झोला-छाप चिकित्सकों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह निरंतर और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




