मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में अमरकंटक–जबलपुर नेशनल हाईवे पर स्थित कारोपानी कृष्ण मृग (काला हिरण) संरक्षित क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गुरुवार को कारोपानी के समीप तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सड़क पार कर रही विशेष संरक्षित प्रजाति की मादा काले हिरण को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। कारोपानी संरक्षित क्षेत्र में लगातार सड़क हादसों में काले हिरणों की मौत हो रही है, लेकिन इसके बावजूद अब तक शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है।
गौरतलब है कि कारोपानी क्षेत्र को कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में दुर्लभ एवं विलुप्तप्राय काले हिरण निवास करते हैं। इसके बावजूद नेशनल हाईवे पर न तो गति सीमा के संकेतक लगाए गए हैं, न ही स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड या अन्य प्रभावी रफ्तार नियंत्रण उपाय किए गए हैं। तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही सीधे तौर पर संरक्षित वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है।
स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि हाईवे पर तत्काल गति नियंत्रण के उपाय किए जाएं। साथ ही चेतावनी साइन बोर्ड, फ्लैशर लाइट, अंडरपास, फेंसिंग और स्पीड ब्रेकर जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। लगातार हो रही काले हिरणों की मौतों ने शासन-प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद जिम्मेदार विभाग कब जागते हैं और संरक्षित वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाते हैं, या फिर ये हादसे यूं ही अनदेखी का शिकार होते रहेंगे।
