डिंडौरी। जिले के विकासखंड शहपुरा में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि के वितरण में फर्जीवाड़े एवं अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। शिकायत की प्रारंभिक जांच के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी शहपुरा डॉ. सत्येंद्र परस्ते को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मामले को गंभीर मानते हुए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
जांच समिति की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा करेंगे। समिति में एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, जिला पेंशन अधिकारी एवं जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी साकेत जैन और जिला आयुष्मान समन्वयक गौरव ठाकुर को सदस्य बनाया गया है। समिति द्वारा आयुष्मान योजना के तहत विकासखंड शहपुरा में हुई कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।
प्रशासन ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह 7 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।




