डिंडौरी। किसानों की सहूलियत को देखते हुए इस वर्ष खरीफ उपार्जन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। मध्यप्रदेश शासन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी उपार्जन नीति (कंडिका 6.1) के अनुसार अब उपार्जन केंद्रों को प्राथमिकता से गोदाम अथवा कैप परिसर में स्थापित किया जाएगा।
इसी क्रम में डिंडौरी जिले का सरहरी उपार्जन केंद्र, जो पहले मैदान स्तर पर संचालित होता था, अब वर्ष 2025-26 के लिए राजपाल वेयरहाउस कोहका में संचालित किया जाएगा। सरहरी समिति के विरुद्ध प्रचलित EOW प्रकरण के चलते इस बार केंद्र का संचालन कुकर्रामठ संस्था को सौंपा गया है। कोहका गोदाम सरहरी से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे ग्राम घानाघाट, डांडबिछिया, सिमरिया, कोहका, चटुआ व बिछिया के किसानों को उपज बेचने में अधिक सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही छांटा उपार्जन केंद्र को निगवानी ओपन कैप में खरीदी के लिए चिन्हित किया गया है। उपार्जन नीति के तहत किसी भी केंद्र का संचालन 25 किलोमीटर की परिधि में होना आवश्यक है, जिसका पालन करते हुए जिला उपार्जन समिति द्वारा इन केंद्रों का चयन किया गया है।
नई व्यवस्थाओं से किसानों को सुरक्षित भंडारण, सीसीटीवी निगरानी के कारण बेहतर पारदर्शिता, आकस्मिक बारिश से सुरक्षा तथा परिवहन संबंधी कठिनाइयों से राहत मिलेगी। साथ ही किसानों को उनकी बेची गई उपज का समर्थन मूल्य WHR जारी होने के 2 से 3 दिनों में प्राप्त होने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
