भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश में नए भवनों में संचालित सांदीपनि विद्यालयों में आकांक्षी और वर्तमान नामांकन की पूर्ति निकटस्थ शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों से करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिला शिक्षा अधिकारियों और प्राचार्यों को आदेशित किया गया है कि चयनित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों से विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालयों में कराया जाए। प्राथमिक विद्यालय आमतौर पर अधिकतम 2 किलोमीटर की परिधि में शामिल किए जाएंगे। कम नामांकन वाले विद्यालयों से शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालयों में स्थानांतरित करने के निर्देश हैं।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जिन सरकारी विद्यालयों के सभी विद्यार्थी सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश ले लेंगे, उन विद्यालयों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव पोर्टल 3.0 पर भेजना अनिवार्य होगा। साथ ही, यदि इन विद्यालयों के शिक्षक सांदीपनि विद्यालयों में अध्यापन के लिए सहमत होते हैं, तो उन्हें वहीं पदस्थ किया जाएगा। बाद में इच्छुक शिक्षकों को काउंसलिंग के माध्यम से अन्य विद्यालयों में पदस्थ होने का विकल्प मिलेगा। विस्तृत जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है।
—‘हमारे शिक्षक ऐप’ से होगी शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति
सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक व अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति अब ‘हमारे शिक्षक ऐप’ के माध्यम से ई-अटेंडेंस के रूप में दर्ज की जा रही है। विभाग ने बताया कि राज्य स्तर पर इस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के तहत विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा कम्प्यूटर, इंटरएक्टिव पैनल और टैबलेट का उपयोग बढ़ा है। ‘हमारे शिक्षक ऐप’ के माध्यम से शिक्षक अपने मोबाइल या टैबलेट पर लॉगिन कर रियल-टाइम उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं। ऐप स्वतः लोकेशन, समय, दिनांक और फेस रिकग्निशन दर्ज कर उपस्थिति को प्रमाणित करता है।
ऐप में लीव मैनेजमेंट की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके माध्यम से शिक्षक अवकाश आवेदन ऑनलाइन कर सकेंगे। इसके अलावा सेवा संबंधी लंबित प्रकरण, प्रशिक्षण संबंधी सूचना और उपस्थिति का रिकॉर्ड भी इसी ऐप में सुरक्षित रहेगा। विभाग का कहना है कि यह व्यवस्था शिक्षक प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी।




