डिंडौरी। जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अजगर में सरपंच और सचिव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अब जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिला पंचायत डिंडौरी ने चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया है।
आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत अजगर के सरपंच रामकुमार बिंदिया और सचिव जयगोपाल सैयाम पर विकास निधि में गड़बड़ी, निर्माण कार्यों में अनियमितता और धनराशि के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में भ्रष्टाचार से जुड़े 18 बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, जिनकी जांच 5 दिवस के भीतर रिपोर्ट सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
— जिला पंचायत द्वारा गठित जांच समिति
1. साकेत जैन, लेखाधिकारी, जिला पंचायत डिंडौरी
2. प्रदीप कुमार शुक्ला, परियोजना अधिकारी (मनरेगा), जिला पंचायत डिंडौरी
3. लोकेश कुमार नारनोरे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत समनापुर
4. कशिश नायक, विकासखण्ड समन्वयक (आवास), जनपद पंचायत करंजिया
बता दें कि जिला पंचायत सीईओ ने इन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतकर्ताओं की उपस्थिति में बिंदुवार जांच कर स्पष्ट अभिमत सहित प्रतिवेदन 5 दिनों में प्रस्तुत करें।
— क्या है पूरा मामला
ग्राम पंचायत अजगर में 5वें और 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत लाखों रुपये के विकास कार्यों में भारी गड़बड़ी की बात सामने आई है। सीसी सड़क निर्माण के नाम पर लाखों रुपये मटेरियल सप्लायर को बांटे गए, जिसमें मजदूरों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला,
और निर्माण स्थल पर अधूरे या अनुपस्थित कार्य देखे गए। वहीं ग्राम पंचायत के उप सरपंच ने भी पुष्टि की कि सिर्फ एक सड़क का निर्माण हुआ, बाकी राशि का दुरुपयोग सरपंच और सचिव ने मिलकर किया।
— पूर्व में उजागर हुई थी गड़बड़ी
बता दें कि विगतदिनों ‘जनधारा न्यूज’ में प्रकाशित खबर “अजगर ग्राम पंचायत में सरपंच-सेक्रेटरी की लूट — अंत्येष्टि सहायता से लेकर सड़क निधि तक हुआ बंदरबांट” के बाद यह मामला चर्चा में आया था। अब जिला पंचायत द्वारा जांच समिति गठित किए जाने से उम्मीद है कि सत्य सामने आएगा और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
—पूर्व में प्रकाशित खबर
Dindori Panchayat Corruption : अजगर ग्राम पंचायत में सरपंच-सेक्रेटरी की लूट : अंत्येष्टि सहायता 5 माह में निकाले 95 हजार, सड़क की पूरी राशि सप्लायर के जेब में , बिना मजदूर कैसे हो रहा निर्माण…





