भोपाल। प्रदेश में वाहन संचालन की पारदर्शिता बढ़ाने और सुशासन को सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने समस्त पारंपरिक चेकपोस्ट बंद कर 45 नए “रोड सेफ्टी और एनफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट” प्रारम्भ किए हैं। इन प्वाइंट पर पदस्थ प्रवर्तन बल बॉडीवोर्न कैमरों की निगरानी में पीओएस मशीन के माध्यम से वाहनों के विरुद्ध ऑनलाइन चालानी कार्रवाई कर रहे हैं।

साथ ही, “इज ऑफ डुइंग बिजनेस” के अंतर्गत प्रदेश में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के वाहन ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल के जरिए ऑनलाइन मोटरयान कर जमा कर सकते हैं। परिवहन विभाग ने इस वर्ष 5,693 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहण लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष 4,875 करोड़ रुपए से लगभग 5.83 प्रतिशत अधिक है।

— सुविधा केंद्र और ऑनलाइन सेवाएं
आम जनता की सुविधा के लिए वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी सेवाओं को एनआईसी पोर्टल “वाहन” और “सारथी” के माध्यम से फेसलेस प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा सीएससी सेंटर्स और एमपी ऑनलाइन सेंटर्स को भी सुविधा केंद्र के रूप में मान्यता दी गई है। आवेदक अब अपने ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाण पत्र डिजिटल रूप में रख सकते हैं।
— नकदी रहित उपचार सुविधा
सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों के त्वरित उपचार के लिए “सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम-2025” सुचारू की गई है। इस योजना के तहत पीड़ित सात दिन की अवधि में किसी भी नामांकित अस्पताल में प्रति पीड़ित 1.5 लाख रुपए तक का उपचार करवा सकते हैं। गंभीर रूप से घायल पीड़ितों की मदद करने वाले राह-वीरों को गोल्डन आवर के भीतर 25 हजार रुपए और प्रमाणपत्र से सम्मानित किया जाएगा।
सोर्स: जनसंपर्क विभाग




